Hindenburg के संस्थापक नाथन एंडरसन ने कहा कि अदानी समूह की जांच करने का निर्णय मीडिया समूहों द्वारा उठाए गए “रेड फ्लैग्स” के बाद लिया गया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट और निष्कर्षों पर पूरा विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वे इन सभी findings को 100% सही मानते हैं। एंडरसन ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत की विकास कहानी को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि पारदर्शिता और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बढ़ावा देना था। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि Hindenburg के बंद होने का कारण कोई व्यक्तिगत या कानूनी खतरा नहीं था, और आरोपों को नकारते हुए कहा कि रिपोर्ट में प्रस्तुत 100+ पन्नों के साक्ष्य को “बेवकूफ साजिशों” के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Hindenburg ने क्यों चुनी अदानी समूह की जांच? रिपोर्ट पर नाथन एंडरसन का बयान
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